वर्ष 2011, उत्तराखंड PCS की विज्ञप्ति आयी और राज्य के अन्य युवाओं की भांति मेरे द्वारा भी अपना आवेदन भरा गया । उस वर्ष पहली बार शिक्षा विभाग की भी 91 रिक्ति कुछ अलग अलग पदों, उप प्रधानाचार्य, स्टाफ अफसर, विधि अधिकारी व वरिष्ठ प्रवक्ता डाइट इत्यादि के पद दिखाए गए थे जिनकी ग्रेड पे 5400 थी । चूंकि पद PCS की विज्ञप्ति के थे तो ये राजपत्रित व समूह ख के तो जरूर रहे होंगे ।
खैर एक आम कैंडिडेट को फॉर्म भरने के समय उस विभाग के अंदर क्या चल रहा होता है कुछ पता नहीं चलता । वह तो अपनी PCS की तैयारी SDM, DySP, FO, BDO, Asst Comm इत्यादि पदों को ध्यान में रख कर ही करता है । फिर उसकी किस्मत कि mains और इंटरव्यू के बाद मेरिट में वह कहां खड़ा हो और कौन सा पद मिल जाये । वैसे शिक्षा विभाग के इन पदों को मैंने भी अपनी अंतिम चॉइस से एक पायदान ऊपर रखा था कि चलो देख लेंगे क्या होता है ।
खैर हम सब परीक्षा की तैयारी में SDM बनने का सपना लिए जीजान से जुट गए । वर्ष 2012 में इसका pre हुआ उसके बाद mains और फरवरी 2014 में लोक सेवा आयोग द्वारा इंटरव्यू लिए गए । सब बढ़िया हुआ और अगस्त 2014 में रिजल्ट आया और अपना नाम शिक्षा विभाग के इन पदों पर देख कर दिल बैठ सा गया क्योंकि उप प्रधानाचार्य का मतलब किसी दूर दराज के इंटर कॉलेज में नियुक्ति । उस समय मैं सचिवालय में समीक्षा अधिकारी भी था और लोअर PCS में नायाब तहसीलदार पर भी चयनित हो चुका था जिसकी ग्रेड पे 4200 ही थी उस समय और समीक्षा अधिकारी की 4800 थी । चूंकि नायाब तहसीलदार की साढ़े चार महीने की ट्रेनिंग में कोई वेतन भी नही मिल रहा था तो मैंने उस पद पर न जाने का निर्णय लेते हुए PCS परिणाम का ही इंतजार उचित समझा । किन्तु scalling की प्रक्रिया के चलते हाथ से Asst Commissioner वाणिज्य कर निकल चुकी थी और फिर मिली अगली चॉइस शिक्षा विभाग के ये बहुत सारे पद ।
खैर इधर मेरा अपनी समीक्षा अधिकारी में ही बने रहने का निर्णय हो चुका था क्योंकि 5400 का उप प्रधानाचार्य वह भी किसी दूर दराज की जगह से अच्छा तो 4800 का समीक्षा अधिकारी सचिवालय ही लग रहा था ।
खैर इसी बीच PCS परीक्षा में चयनित सभी साथियों को नियुक्ति पत्र प्राप्त होने शुरू हो गए और 07 जनवरी 2015 से उत्तराखंड प्रशासन अकादमी नैनीताल में शुरुआती प्रशिक्षण प्रारम्भ होने की भी चर्चा चलने लगी । इधर तब तक अपना मन अगले PCS की तैयारी में ही लगने का हो ही चुका था ।
खैर दिसंबर 2014 में मुझे भी अपना नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ जिस पर मेरा पदनाम उप शिक्षा अधिकारी जैसा कुछ लिखा था और ग्रेड वेतन 5400. चूंकि उस समय मैं सचिवालय में ही था तो पता चला कि इधर शिक्षा विभाग की कोई नई सेवा नियमावली बनी है जिसमे उप प्रधानाचार्य पद को खत्म करते हुए यह नया पद सृजित किया गया है और यह पद ब्लॉक कैडर के प्राथमिक शिक्षकों का नियुक्ति अधिकारी भी होगा ऐसा सब बोल रहे थे ।
खैर हमको क्या लेना देना किसी विभाग की अंदर की कार्यवाही से जब यह बात कन्फर्म हुई कि यह पद ब्लॉक लेवल का है और कुछ प्रशासनिक टाइप का भी है और आगे इसमे प्रमोशन भी BEO, DEO के होंगे तो फिर इस पद पर जॉइन करने का विचार मन मे आया ।
पर इधर आज 6 साल हो गए हैं इस पद पर कार्य करते करते किन्तु लोग पता नहीं सोशल मीडिया पर क्या क्या लिखते रहते हैं । भाई हम तो एक सामान्य कैंडिडेट थे, हमने भी सभी की तरह PCS 2010 का फॉर्म भरा था, उसमें चयनित हुए थे, अब हमको सरकार द्वारा जिस पद का नियुक्ति पत्र दिया गया हम उस पर आ गए और अपनी सेवा कर रहे हैं । आपको जो भी आपत्ति है सरकार से करो भाई हमको क्यों बोलते रहते हो हम तो बाकी सभी लाख, डेढ़ लाख कैंडिडेट जैसे ही थे जिनमें से लगभग 220 का चयन विभिन्न पदों पर उस वर्ष हुआ था ।